जालंधर 20 जनवरी ( परमिंदर सैनी): उत्तरी बीज संघ द्वारा एग्री इनपुट डीलर्स एसोसिएशन रजि. पंजाब के संयुक्त सहयोग के साथ पंजाब के बीज विक्रेताओं के सम्मेलन का आयोजन क्लब कबाना में संघ के प्रधान के बी सोमानी (सोमानी कनक सीड्स प्राइवेट लिमिटेड) व महासचिव रमन पाल उप्पल (क्रिस्टल कॉरपोरेशन साइंस लिमिटेड) की योग्य अगुवाई में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। इस बीच सम्मेलन में बीज उद्योग के हितधारकों, विज्ञानको और किसान प्रतिनिधियों को भारतीय कृषि और बीज क्षेत्र के भविष्य को आकार देने वाले महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों पर विचार विमर्श करने के लिए इस सम्मेलन में एक साथ लाया गया। इस मौके सम्मेलन में पहुंच रहे बीज विक्रेताओं का स्वागत विधिवत भारतीय संस्कृति और सभ्यता को दर्शाते हुए पंडित जी द्वारा तिलक लगाकर, फूलों की वर्षा करते हुए व दोशाला डालकर किया गया। बीज विक्रेताओं ने स्टाल लगाकर नई तकनीक से निर्मित बीजों का प्रदर्शन किया। तत्पश्चात आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ ज्योति प्रज्वलित करके किया गया। इस मौके सभा को संबोधित करते हुए संघ के महासचिव रमन पाल उप्पल ने आगामी बीज विधेयक 2025 के लिए अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया और इस बात पर जोर दिया कि किसानों की उत्पादकता,लाभ प्रदाता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए एक प्रगतिशील और संतुलित बीच कानून आवश्यक है। बीज सम्मेलन में विधेयक स्वागत करते हुए कहा कि यह किसानों के कल्याण और बीज क्षेत्र के विकास के लिए एक मजबूत आधार बन सकता है। इस मौके महासचिव रमन पाल उप्पल ने संघ की तरफ से सबका अभिनंदन करते हुए कहा कि गत दिनों उनका एक प्रतिनिधिमंडल भारत के मिनिस्टर ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स शिवराज चौहान को भी मिला व उन्हें रजिस्ट्रेशन ऑफ वैरायटी, प्राइस कंट्रोल ऑफ़ द सीड,कंपोजीशन टू ग्रोवर्स के बारे में बताया। जिस पर शिवराज चौहान ने अपनी सहमति प्रकट की। इस मौके प्रधान के बी सोमानी ने सुझाव दिया की बीज किस्म का सरलीकृत पंजीकरण और सूचीकरण निम्नलिखित पर आधारित होना चाहिए जिसमें वैध बीज लाइसेंस, आवेदक का आधार कार्ड, बीज उत्पादक की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने वाला क्षतिपूर्ति बॉन्ड यह ढांचा किसानों के लिए उन्नत किस्म के तेजी से परिचय को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि बीजों पर कोई मूल्य नियंत्रण नहीं होना चाहिए। इस मौके संघ के एग्जीक्यूटिव मेंबर बलबीर सिंह, एग्री इनपुट डीलर्स एसोसिएशन रजि. पंजाब के प्रधान वरिंदर सिंह, महासचिव गोकुल प्रकाश गुप्ता, व एग्जीक्यूटिव मेंबर कारण महाजन ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में किसी भी बीच कंपनी के किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया जो प्रत्यक्ष मुआवजा तंत्र की व्यवहारिक चुनौतियों को रेखांकित करता है। यह प्रस्ताव दिया गया की बीज विधेयक 2025 के मुआवजा प्रावधान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मॉडल के अनुरूप जाना चाहिए जिसमे बीज कंपनियों पर अनुचित दायित्व डालने के बजाय संरक्षित तरीके से किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उत्तरी बीज संघ ने भारत सरकार नीति निर्माता और किसान संगठनों के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है ताकि बीज विधयक 2025 किसनो को समृद्ध बीज उद्योग के विकास और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए उत्प्रेरक बन सके। इस सम्मेलन में अर्पण उप्पल, विवेक शर्मा एडवांटा, आर के त्रिवेदी,अतुल तनेजा, डॉ.अरुण एडवांटा, गुलशन अरोड़ा,निशि अरोड़ा आदि इस मौके उपस्थित थे। इस मौके सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें बीज विक्रेताओ के लकी ड्रा भी निकाले गए जिसने इस सम्मेलन को और भी चार चांद लगाते हुए यादगार बना दिया। सम्मेलन के समापन पर सभी बीज विक्रेताओं ने खुशी में भांगड़े डालते हुए आपसी प्रेम व भाईचारे को भी प्रदर्शित किया।
उत्तरी बीज संघ द्वारा पंजाब के बीज विक्रेताओं का सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न
